देहरादून
सिंचाई विभाग के अंतर्गत लंबित परियोजनाओं के अलावा जिन योजनाओं के निर्माण में विलंब हो रहा उनके कारणों की समीक्षा करते हुए सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने सिंचाई विभाग के अधीन पुलों के नीचे ठीक से चैनेलाइजेशन करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को यमुना कालोनी स्थित लोनिवि सभागार में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान उन्हें हिदायत देते हुए कहा कि वर्तमान में सिंचाई क्षमता के सापेक्ष किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है इसलिए जो भी जरूरी उपाय हैं उनको तुरंत किए जाने की आवश्यकता है। बैठक के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए कहा कि 5 करोड़ से अधिक की योजनाओं के लिए थर्ड पार्टी परीक्षण की व्यवस्था की जाए।
महाराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नहरों की टेल फिडिंग की जाये और बजट को मानकों के अनुसार व्यय किया जाये। जलाशय एवं बैराजों की स्थिति एवं जल प्रबंधन की समीक्षा करने के साथ-साथ मुख्य संस्थाओं की निरंतर निगरानी के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा आपदा से क्षतिग्रस्त चमोली तथा थराली के 24 कार्यों के लिए 1076 करोड़ की धनराशि, 774.33 करोड़ की 07 योजनाओं और कुंभ कार्यों हेतु 98 करोड़ रुपए के बजट की मांग की गई है जबकि गढ़वाल एवं कुमायूँ की नदियों को चैनलाइज़ेशन कराने हेतु मोर्फोलॉजिकल / साइंटिफिक स्टडी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जमरानी बांध हेतु 337 करोड़ का बजट है जिसमें है अभी तक 166 करोड़ की स्वीकृति जारी की गयी है।
बैठक में अपर सचिव सिंचाई श्रीमती गरिमा रौंकली, प्रमुख अभियंता सुभाष चंद्र पांडे, मुख्य अभियंता शंकर कुमार शाह और मुख्य अभियंता चंद्रशेखर सहित सिंचाई विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद रहे।


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